दोस्तों इसके लिए आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताने की कोशिश कर रहे हैं। कि आप किन-किन माध्यम से शेयर मार्केट कैसे सीख सकते हैं। और इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जो निम्नलिखित है।
1.जिज्ञासा और सीखने की ललक
किसी भी CONTENT को सीखने के लिए आप में जिज्ञासा का होना बहुत ही आवश्यक है। अगर आप शेयर मार्केट को लेकर जिज्ञासा नहीं है। तो आप शेयर मार्केट नहीं सीख सकते जब कोई पहली बार शेयर मार्केट के बारे में सुनता या पढ़ता है तो मन में जिज्ञासा उत्पन्न होती है। और मन में कई तरह के सवाल खड़े होते हैं।
2.शेयर मार्केट का कोर्स कहां से करें
आज के समय में शेयर मार्केट का क्रेज बढ़ता ही जा रहा है यह एक ऐसा उभरता हुआ क्षेत्र है। जहां आप अपना करियर बना सकते हैं। और साथ ही आपको सीमित समय में बहुत सारा धन कमाने का अवसर मिलता है। वहीं अब महिलाओं और पुरुषों में शेयर मार्केट में अधिक रुझान देखा गया है। लेकिन एक सही मार्गदर्शन और मार्केट की बारीकियां के लिए आप एक सही कोर्स प्लेटफार्म का चयन करना बहुत आवश्यक है। इसके लिए कई तरह के ऑनलाइन और ऑफलाइन इंस्टिट्यूट हैं। जो आपको मार्केट समझने और इसको सीखने के लिए सही दिशा प्रदान कर सकते है। जो निम्नलिखित है।
I.शेयर मार्केट यूट्यूब से कैसे सीखे
आजकल यूट्यूब के माध्यम से क्या कुछ नहीं सीख सकते। स्टॉक मार्केट सीखने के लिए एक सही चैनल को सब्सक्राइब कर काफी कुछ सीख सकते हैं। यूट्यूब पर काफी पुरानी वीडियो भी होती हैं जो आपको आज के समय में मार्केट के हालातो से अवगत नहीं करा सकती लेकिन कुछ पैसे देकर आप सही चैनल का चुनाव करके आप सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। और अच्छे से सीख सकते हैं। और अच्छा मुनाफा कमा सकते है।
II.शेयर मार्केट ब्लॉक पढ़ें
अगर आप किसी CONTENT पढ़ने के इच्छुक हैं या आपको किताबें पढ़ना अच्छा लगता है। तो स्टॉक मार्केट ब्लॉग और आर्टिकल पढ़कर मार्केट की बारीकियां को समझ सकते हैं। शेयर मार्केट ब्लॉग में मुश्किल से मुश्किल कॉन्सेप्ट आपको समझने में मदद करता है। अगर आपके पास स्टॉक ब्रोकर का डिमैट अकाउंट है। तो आपको शेयर मार्केट की सारी जानकारी वेबसाइट के माध्यम से मिल जाएगी।
III.शेयर मार्केट एप
अगर आपके मन में विचार चल रहा है कि शेयर मार्केट सीखने के क्या विकल्प हो सकते हैं। तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं तो इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प हैं जैसे एंजेल ब्रोकिंग, जीरोधा, ग्रोव एप आदि आदि ऐसी कई सारी एप, प्ले स्टोर के माध्यम से मिल जाएगी। जिससे आपको बहुत सी जानकारी मिल जाएगी और आप अच्छे से अनुसरण कर सकेंगे तथा सीख के आप अच्छा धन अर्जित कर सकेंगे।
3.शेयर मार्केट बुक्स या लेख पढ़े
आज की इस इंटरनेट की दुनिया में किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त करना कोई बड़ी बात नहीं है। इसी प्रकार ट्रेडर्स, इन्वेस्टर, और बहुत बड़े दिग्गज लेखक के माध्यम से लिखे लेख को पढ़ सकते हैं। और इसे पढ़कर अपने आप को मजबूत बना सकते। लेकिन यह ख्याल रखना बहुत जरूरी है कि वह लेख किसी विशेष व्यक्ति द्वारा लिखा गया हो उस लेखक कि आपको संपूर्ण जानकारी भी होनी चाहिए। क्योंकि आजकल इंटरनेट के माध्यम से कोई व्यक्ति अधूरा ज्ञान प्रदर्शित कर देते हैं।
4. पेपर ट्रेडिंग करना सीखें
पेपर ट्रेडिंग एक ऐसा प्लेटफार्म है जो आपकी साइकोलॉजी के साथ-साथआपकी स्ट्रेटजी के टेस्ट करने में मदद करता है। इसी प्रकार इससे या पता लग जाता है कि आपने कितना सीखा है। से ट्रेडिंग आप ऑनलाइन कंप्यूटर या मोबाइल से या कागज में लिखकर भी कर सकते हैं।
5. फंडामेंटल एनालिसिस करना सीखें
किसी प्रकार की कंपनी के फंडामेंटल एनालिसिस करने के लिए आपको उस कंपनी में काम से कम 10 चीजों का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। जिससे आपको पता लग सके कि आपको उस कंपनी के शेयर खरीदना चाहिए या नहीं तो आइये हम जानते हैं कि यह फंडामेंटल एनालिसिस क्या होता है जो निम्नलिखित है।
- कंपनी का क्या बिजनेस है
- कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट क्या है
- कंपनी का मैनेजमेंट कैसा है
- कंपनी का कैश फॉलो कैसा है
- कंपनी के लाभ हानि की स्टेटमेंट क्या है
- इंडस्ट्री एनालिसिस क्या है
- कंपनी का फ्यूचर प्लान क्या है
- कंपनी के बिजनेस में क्या कमियां है
- कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन क्या है
- डेट इक्विटी रेशियो क्या है
यदि आप उपरोक्त चीजों का अच्छे से अध्ययन कर लेंगे तो आप शेयर की बारीकियां को आप अच्छे से समझ सकेंगे तो ऐसी कंपनी का फंडामेंटल मजबूत माना जाता है। इसी तरह किसी कंपनी के फंडामेंटल को बेहतर समझ कर आप उसमें निवेश कर सकते हैं और आप अधिक लाभ कमा सकते हैं।

6. टेक्निकल एनालिसिस करना सीखें
टेक्निकल एनालिसिस के माध्यम से कई सारे टूल्स और चार्ट्स के पैटर्न को पहचान की जाती है। और उसके बाद कमाई के लिए लगाई जाने वाले धन के फैसले लिए जाते हैं। टेक्निकल एनालिसिस के माध्यम से किसी शेयर में भविष्य में आने वाली कमजोरी या मजबूती की जानकारी प्राप्त की जाती है तकनीकी विश्लेषण दो प्रकार से किया जाता है।
I.इंडिकेटर के माध्यम से
II.चार्ट्स के माध्यम से
I.इंडिकेटर के माध्यम से
टेक्निकल एनालिसिस करने में इंडिकेटर का प्रयोग किया जाता है। यह शेयर के चाल पर खरीदने और बेचने का इंडिकेटर देते हैं। इसमें कुछ इंडिकेटर है जैसे- RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स ), मूविंग एवरेज, बोलिंगर बैंड,वॉल्यूम, दवास बॉक्स,है। जिसका उपयोग टेक्निकल एनालिसिस में अधिक प्रयोग किया जाता है।
ii.चार्ट्स के माध्यम से
जब टेकनिकल अनालिसिस करने के लिए शेयर की चार्ट्स का प्रयोग किया जाता है। चार्ट्स के पैटर्न के माध्यम से किया गया कार्य टेक्निकल एनालिसिस कहलाता है। शेयर बाजार में कैंडलस्टिक पैटर्न और कैंडलस्टिक चार्ट्स पैटर्न बहुत प्रसिद्ध है। ये निम्नलिखित है। हेड एंड शोल्डर पैटर्न, ट्रेड लाइन पैटर्न, फ्लैग चार्ट पैटर्न, ट्रेंगल चार्ट पैटर्न आदि ये सब टेक्निकल एनालेसिस के अंतर्गत आते है।

- शेयर मार्केट क्या है
- शेयर मार्केट में बोलने वाले बेसिक शब्द क्या होते हैं?
- ट्रेडिंग क्या है। ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है? TRADING TYPES IN HINDI
7. शेयर मार्किट इन्वेस्टिंग कैसे सीखे
शेयर मार्केट इन्वेस्टिंग वह प्रक्रिया है। जिसमे निवेशक कुछ शेयरो का पोर्टफोलियो ,म्युचुअल फंड्स, बांड्स,और अन्य इंस्टूमेंटल को खरीद कर लम्बे समय के लिए रख लेता है। जैसे छः महीने या कई वर्षो या दशकों लम्बा भी हो सकता है। इसमें निवेशक सम्पत्ति समय के साथ धीरे- धीरे बढ़ती रहती है। इस अवधि में खरीदार को ब्याज, डिविडेंड आदि का फायदा भी मिलता रहता है। मुनाफे के साथ में लगाया गया धन ही इन्वेस्टमेंट कहलाता है।
8. बैलेंस शीट पढ़े
बैलेंस शीट कंपनी की स्थित को दरशाती है। इसमें यह भी बताया जाता है की कंपनी पर क्या बकाया राशि है। और उसके पास क्या- क्या है। आप इन सम्पत्तियों और खातों और देनदारियों के तहत उनके मूल्यों को देख कर जान सकते है। और इन परसम्पत्तियो और देनदारियों को खातों की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
बैलेंसशीट खातों के मूल्य का उपयोग और अनुपातों की गणना करने के लिए किया जा सकता है। जो व्यवसाय की दक्षता और तरलता और वित्तीय संरचना को दरशाते है।आइये इनमे कुछ अनुपातों पर नजर डालते है। जो निम्नलिखित है। जैसे- ऋण की इक्वटी अनुपात, एसेट टर्नओवर अनुपात, त्वरित अनुपात, चालू अनुपात आदि बैलेंस शीट एक महत्वपूर्ण वित्तीय उपकरण है। जो ख़रीदारों को किसी कंपनी और उसके संचालन के बारे में जानकारी प्राप्त करने में सहयोग मिलता है।
9. शेयर की कीमते बढ़ती घटती कैसे है ?
शेयर की कीमतों का उतार और चढ़ाव का कारण मांग और आपूर्ति है। अगर किसी खास सख्या में ज्यादा लोग खरीदारी करना शुरु करते है। तो इसकी मांग अधिक होती है। और इसकी कीमते लगातार बढ़ने लगती है। यदि यही प्रक्रिया इसके विपरीत होने लगती है। जैसे कई सारे लोग किसी खास शेयर को बेचने लगते है। तो इसकी आपूर्ति बढ़ जाती है। तो इसकी कीमते गिर जाती है। इसके कई सरे कारण हो सकते है जैसे- नकारात्मक या सकारात्मक न्यूज़ का होना, कंपनी के सीईओ का अथवा कंपनी के वरिष्ट अधकारी का इस्तीफा आदि
10. शेयर बाजार की न्यूज़ देखना
समाचार चैनल और टीवी शो स्थानीय और दुनिया भर में होने वाले ज्ञान का एक बड़ा भंडार है। निवेश करने के बारे में कई सारे टीवी शो है जो आप को काफी जानकारी प्रदान करेंगे बस उस चैनल को निरन्तर फॉलो करना पड़ेगा। शेयर मार्केट की भाषा को समझने के लिए इन शो को देखना लाभदायक होगा।
शेयर मार्केट के क्षेत्र में विभिन्न कम्पनिया और खिलाडी कौन है।अगर आप शेयर मार्केट की खबर एक या डेढ़ घंटे टीवी शो के माध्यम से सुनते है। तो जल्द ही बहुत सारा ज्ञान अर्जित कर लेंगे है। शेयर मार्केट को प्रभावित करने वाले कारक जैसे- विदेशी निवेश,राजनीत स्थिरता अन्य शेयर बाज़ारो का प्रदर्शन आदि शेयर बाजार को प्रभावित करता है।
11.अनुशासन सीखे
ये लेख पढ़ के इतना तो समझ आ गया होगा| यदि आप को एक नये विषय में सिद्धहस्त या एक्सपर्ट बनाना है तो अनुशासन का होना बहुत आवश्यक है| शेयर मार्केट बहार से सीधा और सरल या आसान दीखता है पर इसे सीखने के लिए बहुत बड़े अनुशासन की आवश्यकता है| यदि इसमें आप लापरवाही करते हो तो आप को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है| शेयर मार्केट को सीखने के लिए आप अनुशासित रहे और समय के साथ अपने स्किल को डेपलपमेंट करते रहे|
नमस्कार! मैं इस ब्लॉग साइट का लेखक हूं, मेरे पास शेयर बाजार में कई वर्षों का अनुभव है और मैं लगातार बाजार की चाल, कंपनियों के फंडामेंटल्स और ट्रेंड्स पर नजर रखता हूं। मेरा लक्ष्य है, हर आम निवेशक तक शेयर बाजार की सटीक, सरल और सही जानकारी पहुंच सके।