ट्रेडिंग क्या है। ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है? TRADING TYPES IN HINDI

ट्रेडिंग क्या है l ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है? TRADING TYPES IN HINDI शेयर मार्केट में इस आर्टिकल में जानते है TRADING के फायदे और नुकसान क्या होते है। इस लेख को आसान भाषा में उदाहरण के माध्यम से समझने की कोशिश करते है। 

Table of Contents

1. ट्रेडिंग क्या है।(WHAT IS TRADING )

ट्रेडिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे लाभ कमाने के लिए वस्तुओ और सेवाओं की खरीद व बिक्री की जाती है। ट्रेडिंग करने वालों को ट्रेडर (TRADER) कहा जाता है। तथा ट्रेडिंग का उद्देश्य चीजों को कम दाम पर खरीदना और अधिक दाम में बेंचकर अधिक लाभ कमाना होता है। आप सोच रहे होंगे की ट्रेडिंग क्या है। ट्रेडिंग का मतलब ‘व्यापार’(BUSINESS) होता है। निवेशक बाजार मे लाभ कमाने के लिए वस्तुओं को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते है तथा अनलाइन के माध्यम से बहुत अच्छी ट्रेडिंग की जाती है।

2. ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है।(TRADING TYPES IN HINDI)

शेयर मार्केट क्या है

शेयर मार्केट कैसे सीखे

ट्रेडिंग मुख्यता दो प्रकार की होती है – लॉंग टर्म ट्रेडिंग (LONG TERM TRADING) और शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग,(SHORT TERM TRADING) लॉंग टर्म ट्रेडिंग के अंतर्गत डिलिवेरी, (DELIVERY) और  पोजीशनल (POSITION) ट्रेडिंग आती है। जबकी शॉर्ट ट्रेडिंग के अंतर्गत कुछ मुख्य – इंट्राडे ट्रेडिंग, ऑप्शन ट्रेडिंग, स्विंग ट्रेडिंग,आते है। तो आइये दोस्तों कुछ मुख्य ट्रेडिंग पर नजर डालते हुए उसको विस्तार से उदाहरण के माध्यम से समझते है l

2.1 लॉंग टर्म ट्रेडिंग (LONG TERM TRADING)

आइये दोस्तों हम लॉंग-टर्म (LONG TERM )के अंतर्गत कुछ मुख्य चीजे बताने की कोशिश करता हूँ तथा ट्रेडिंग को उदाहरण के माध्यम से समझते है l  

2.2 डिलीवरी (DELIVERY)

2.3 पोजीशनल (POSITIONAL) 

2.2 डिलीवरी (DELIVERY

कोई भी  व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार इन ट्रांजैक्शन में शेयरों को लंबी अवधि तक रख सकता है। यह अवधि दो दिन से लेकर दो या उससे अधिक दशकों तक हो सकती है। इस प्रक्रिया को डिलीवरी (DELIVERY) ट्रेडिंग कहा जाता है।

उदाहरण –  अगर आप कोई भी शेयर खरीदते है और 1 दिन के बाद आप कभी भी उसको बेंच सकते है l ऐसी ट्रेडिंग ‘डेलीवरी’ (DELIVERY) कहलाती है l डेलीवेरी ट्रेडिंग की कोई समय सीमा नहीं होती है l और उसे लंबे समय तक रख सकते हो l यदि आप किसी  A कंपनी के 100 शेयर खरीदते है जिसका कुल मूल्य 10000 है l यही मूल्य बढ़कर 10,500 हो जाए तो आप इसको बेंच सकते है और अच्छा लाभ काम सकते है l  

2.3 पोजीशनल (POSITIONAL) 

पोजीशनल एक ट्रेडिंग रणनीति है l जिसमे ट्रेडर (TRADER) कुछ लंबे समय के लिए पोजीशन रखता है l जैसे एक सप्ताह या महीने या दशकों तक हो सकती है l पोजीशनल ट्रेडिंग का लक्ष्य कम समय मे पैसे न कमाकर लंबे समय में पैसे कमाना होता है l 

उदाहरण – राज ने एक कंपनी के 500 रुपये प्रति शेयर पर 500 शेयर खरीदे l यह सोचकर कि कंपनी का प्रदर्शन अगले साल बेहतर रहेगा। कुछ महीनों बाद, कंपनी का शेयर मूल्य 700 रुपये तक पहुंच जाता है। राज ने धैर्य पूर्वक इंतजार किया और शेयर बेचकर 1,00,000 रुपये का मुनाफा कमाया।

2.4 शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग (SHORT TERM TRADING)

आइये दोस्तों हम शॉर्ट-टर्म (SHORT TERM ) के अंतर्गत कुछ मुख्य चीजे बताने की कोशिश करता हूँ तथा ट्रेडिंग को उदाहरण के माध्यम से समझते है l  

2.5 इंट्राडे ट्रेडिंग (INTRADAY TRADING)

2.6 ऑप्शन ट्रेडिंग (OPTION TRADING)

2.7 स्विंग ट्रेडिंग (SWING TRADING)

2.5 इंट्राडे ट्रेडिंग (INTRADAY TRADING)

इस प्रकार की ट्रेडिंग, निवेशक उसी दिन के भीतर शेयरो की खरीद और बिक्री को ‘इंट्राडे ट्रेडिंग (INTRADAY TRADING) कहते है l  इंट्राडे ट्रेडिंग के अंतर्गत निवेशकों को उसी दिन में लाभ कमाना होता है l 

उदाहरण – अगर दिन के दौरान निवेशक ने शेयर खरीदा है और किसी कारणवश निवेशक शेयर नहीं बेंच पाता है l तो ब्रोकर अपने आप शेयर बेंच देगा l तथा बाजार बंद होने के पहले ये प्रक्रिया हो जाएगी l और निवेशक को कुछ एक्स्ट्रा चार्ज ‘EXTRA CHARGE’ भी देने होंगे l क्योंकि निवेशक अपने शेयर बाजार बंद होने से पहले नहीं बेंच पाया l 

2.6 ऑप्शन ट्रेडिंग (OPTION TRADING)

ऑप्शन ट्रेडिंग एक तरह का अनुबंध (CONTRACT) है l किसी चीज को खरीदने व बेचने के अधिकार को, तथा एक निश्चित तिथि और निश्चित कीमत के अधिकार को ऑप्शन ट्रेडिंग ( OPTION TRADING) कहा जाता है l अब यह उस व्यक्ति पर निर्भर करता है कि व्यक्ति अधिकार का प्रयोग करता है या नहीं l  जाहिर है कि कोई भी व्यक्ति अधिकार का उपयोग तब करेगा l जब उसका लाभ अच्छा होगा l चलिये  दोस्तों हम इसको उदाहरण के माध्यम से समझते हैं l

उदाहरण – वेदांता शेयर की वर्तमान कीमत ₹580 रुपये है और आपको लगता है कि एक महीने में यह बढ़ेगा l आप ₹600 रुपये की स्ट्राइक प्राइस एक कॉल ऑप्शन (CALL OPTION) 20 रुपये के प्रीमियम पर खरीदते हैं अगर शेयर की कीमत 700 तक बढ़ती है तो आप इसे 600 में खरीद कर 700 में बेंच  सकते हैं l जिससे 100 का लाभ होगा। प्रीमियम घटाने के बाद आपका शुद्ध लाभ – 80 होगा।   

लाभ – प्रीमियम = प्रति शेयर

100 – 20         = 80 प्रति शेयर

2.7 स्विंग ट्रेडिंग (SWING TRADING)

इसमें लोग शेयरों या अन्य चीजों को कुछ दिन या हफ्तों के लिए खरीदते और बेचते हैं। यह रणनीति स्विंग ट्रेडिंग (SWING TRADING) कहलाती है। इसका मुख्य मकसद छोटे-छोटे उतार-चढ़ाव से मुनाफा कमाना होता है l

उदाहरण – किसी कंपनी के शेयर की कीमत आने वाले दिनों में बढ़ेगी l आज शेयर की कीमत ₹100 है और आप सोचते हैं की शेयर की कीमत अगले हफ़्ते ₹130 तक पहुंच सकती है l इसलिए आप इन शेयरों को खरीद लेते हैं l  कुछ दिन बाद शेयर की कीमत ₹130 तक बढ़ जाती है। तब आप सोचेंगे अब शेयर की कीमत नहीं बढ़ेगी। इसी वजह से शेयर बेंच देते हैं l इसी तरह आपने ₹100 में खरीदे गए शेयरों को ₹130 में बेचकर ₹30 प्रति शेयर का लाभ कमा लेते हैं। 

3. ट्रेडिंग में उपयोग की जाने वाली रणनीतियां (TRADING TYPES IN HINDI)

निवेशक को ट्रेडिंग में सफलता पाने के लिए कुछ खास रणनीतियों का प्रयोग किया जाता है। ये रणनीतियां आपको खरीदारी और बिक्री करने में मदद करती हैं। ताकि निवेशक अच्छा मुनाफा कमा सके। आइये दोस्तों हम कुछ रणनीतियों को आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं।

3.1 स्टॉप लॉस, (STOP LOSS) नुकसान को सीमित करना 

स्टॉप लॉस (STOP LOSS) एक आर्डर होता है l जिसे ट्रेडर्स पहले से सेट कर देते हैं l अगर किसी शेयर की कीमत उसकी तय सीमा से गिरती है। तो वह अपने आप शेयर बिक जाता है l इससे ट्रेडर्स बड़े नुकसान से बच जाते हैं l

उदाहरण – अगर किसी ने एक शेयर ₹100 में खरीदा है और वह चाहता है की उसकी कीमत 95 रुपये से कम ना हो जाए। तो वह निवेशक ₹ 95 रुपये का स्टॉप लॉस (STOP LOSS) लगायेगा l जिससे वह शेयर अपने आप बिक जाएगा l इस प्रक्रिया से निवेशक अधिक नुकसान से बच जाएगा। 

3.2 स्केलपिंग (SCALPING) छोटे मुनाफे की रणनीति

स्केलपिंग में निवेशक बहुत छोटे समय के लिए शेयर रखते हैं। और छोटे-छोटे मुनाफे कमाने की कोशिश करते हैं। यह यह बहुत तेज रणनीति है। इसमें निवेशक दिन में कई बार खरीद व बिक्री करते हैं l और अच्छा लाभ कमाते हैं l 

उदाहरण – अगर किसी शेयर की कीमत ₹10 है और यह कीमत बढ़कर ₹10.50 तक हो जाती है। तो स्केल्पेर (SCALPER) ₹ 0.50 का मुनाफा कमाने के लिए उसे बेच सकते हैं l इसी तरह निवेशक दिनभर छोटे-छोटे मुनाफे कमाते हैं।

3.3 डायवर्सिफिकेशन ( DIVERSIFICATION) विभिन्न संपत्तियों में निवेश

डायवर्सिफिकेशन में निवेशक अपना पैसा एक जगह नहीं लगाते हैं l बल्कि वह अपना पैसा कई अलग-अलग जगह लगाते हैं। इससे उनका जोखिम कम हो जाता है। क्योंकि एक जगह घाटा हुआ तो वह दूसरी जगह से कमा लेते हैं। 

उदाहरण – निवेशक अपने पैसे का एक हिस्सा स्टॉक, में और दूसरा हिस्सा बांडस, में और तीसरा हिस्सा सोने चांदी में निवेश करता है l अगर स्टॉक की कीमत गिर जाए तो हो सकता है की बांडस की कीमत बढ़ जाएगी l और निवेशक अधिक नुकसान से बच जायेगा। 

4. ट्रेडिंग के फायदे (TRADING KE FAYDE IN HINDI)

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ट्रेडिंग के कई सारे फायदे होते हैं l जो निवेशक के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाते हैं l आइये दोस्तों हम इसको आसान भाषा में समझते हैं l 

4.1 मुनाफा कमाने का अच्छा मौका

ट्रेडिंग में सबसे बड़ा लाभ यह है कि आप शेयरो,कमोडिटीज,या अन्य चीजों को खरीद कर या उन्हें बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं l किसी चीज को सस्ते में खरीद कर और बाद में उसकी कीमत बढ़ गई है तो उसे बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं।

4.2 जल्दी पैसा मिलना

ट्रेडिंग क्या है l ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है? TRADING TYPES IN HINDI के सीखने तथा शेयर मार्केट का अनुभव के अंतर्गत आप जब चाहे अपने शेयर या अन्य चीज बेंच कर तुरंत पैसा निकाल सकते हैं l इसका मतलब आपका पैसा कहीं भी फसा नहीं है l  

4.3 ट्रेडिंग करने की शुरुआत

इसमें आपको बहुत सारे पैसों की जरूरत नहीं होती है। इसमें थोड़े पैसे लगाकर शुरुआत कर सकते हैं। और अनुभव हासिल कर सकते हैं। और जैसे ही आपका अनुभव बढ़ेगा आप धीरे-धीरे बड़े निवेशक बनते जाएंगे। 

5. ट्रेडिंग के नुकसान (TRADING KE NUKSAN IN  HINDI)

ट्रेडिंग में नुकसान का मुख्य कारण बाजार की अनिश्चितता है l जहां शेयरो की कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। तथा भावनात्मक फैसले, जैसे डर या लालच, गलत निर्णयों का कारण बन सकते हैं। आइये दोस्तों हम इसको आसान भाषा में समझते हैं l 

5.1 भावनात्मक तनाव

बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण ट्रेडिंग तनाव पूर्ण हो सकती है। जब कीमतें तेजी से बदलती हैं। तो लालच की भावनाएं आपकी फैसलों को प्रभावित करती हैं। जिससे आप गलत निर्णय ले सकते हैं। 

5.2 मूल्य अस्थिरता

इसमें बाजार की कीमतें तेजी से बदलती है। जिससे नुकसान का खतरा रहता है। अगर आपने गलत समय पर निवेश (INVEST ) किया या बाजार की दिशा नहीं समझ पाए तो आपको भारी नुकसान हो सकता है। 

5.3 समय की मांग

ट्रेडिंग क्या है l ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है? TRADING TYPES IN HINDI में सफल होने के लिए बाजार पर नियमित नजर रखनी होगी। जो समय लेने वाला कार्य है। अगर आप इसके लिए नियमित समय नहीं दे पाते हैं तो आपको निश्चित नुकसान उठाना पड़ सकता है l 

निष्कर्ष 

ट्रेडिंग एक जटिल लेकिन लाभकारी प्रक्रिया है जिसमें विभिन्न वित्तीय साधनों का व्यापार किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य मूल्य में उतार-चढ़ाव का लाभ उठाकर मुनाफा कमाना होता है। अगर आप शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करना चाहते हैं और ट्रेडिंग करके पैसे कमाना चाहते हैं तो ट्रेडिंग क्या है l ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है? TRADING TYPES IN HINDI में आपको ट्रेडिंग के बेसिक नियम सीखना होंगे l आपको ट्रेडिंग में होने वाले फायदे नुकसान जोखिम और अंदर के समाचार के बारे में अच्छी खासी जानकारी लेनी होगी । 

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