RBI Monetary Policy Highlights: के इस आर्टिकल में हम जानेगे भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India, RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने Monetary Policy Committee की रिपोर्ट अभी सामने आयी है। जिसमें अभी 5 फरवरी 2025 को अपनी बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गयें हैं l
इस प्रकार के निर्णय देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई, GDP वृद्धि और आम जनता पर प्रभाव डालेंगे। अगर आप शेयर मार्केट की जानकारी रखना चाहते है तो आप सही ब्लॉग पर है तो आइए, इन निर्णयों की प्रमुख बातों को अच्छे से समझने की कोशिश करते है l
आरबीआई की मौद्रिक नीति की मुख्य बातें (RBI Monetary Policy Highlights)
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) नें अपनी नीति समीक्षा में कई सारे मुद्दों पर बात की है जैसे रेपो रेट, GDP ग्रोथ रेट, विदेशी मुद्रा नीति, डिजिटल
फ्रॉड,आदि l बैंकों के लिए नए डोमेन नाम की घोषणा की गई है, जिससे साइबर सुरक्षा मजबूत होगी। इस नीति से होम लोन और अन्य ऋण सस्ते होंगे l
आइये दोस्तों हम समझने की कोशिश करते है वो 10 अहम बातें जो आम जनता को
काफी राहत पहुचाने का कार्य कर सकती है l
1. GDP वृद्धि का अनुमान (GDP Growth Forecast)
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.7% रखा है। यह वृद्धि निजी उपभोग, सेवा क्षेत्र और कृषि क्षेत्र में सुधार के कारण संभव होगी।
2. रेपो रेट कट (Repo Rate Cut)
भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट घटाकर 6.25% कर दिया है। ऐसा करने से अब आम लोगों के लिए बैंकों से कर्ज लेना सस्ता हो सकता है। जो जनता के लिए बेहतर बेहतर विकल्प है l
इसे भी पढ़ें: Wipro Q3FY25 Results: नेट प्रॉफ़िट 6.8% का मुनाफा, डिविडेंड, रेकॉर्ड डेट का भी ऐलान, जाने डिटेल्स
3. विदेशी मुद्रा नीति (Foreign Exchange Policy)
विदेशी मुद्रा नीति (Foreign Exchange Policy) भारत में विदेशी मुद्रा प्रवाह, विनिमय दर स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करने के लिए बनाई जाती है। यह किसी एक्सचेंज रेट को टारगेट नहीं करती है।
4. मॉनिटरी पॉलिसी स्टांस (Monetary Policy Stance)
मौद्रिक नीति रुख (Monetary Policy Stance) केंद्रीय बैंक द्वारा अर्थव्यवस्था में तरलता, मुद्रास्फीति और विकास दर को संतुलित करने के लिए अपनाई गई नीति दिशा है। रिजर्व बैंक का ध्यान मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने के साथ-साथ आर्थिक वृद्धि को जोर देने पर भी है।
5. महंगाई दर (Inflation Rate)
महंगाई दर (Inflation Rate) किसी अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में समय के साथ होने वाली वृद्धि को दर्शाती है। भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति के 4.8% और अगले वित्त वर्ष में 4.2% रहने की संभावना है।
इसे भी पढ़ें: बजट से पहले 10 Railway Stocks: निवेशको को दे सकते है बेहतर रिटर्न l जाने पूरी डिटेल्स
6. बैंकों के लिए नया डोमेन नेम (New Domain Name for Banks)
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंकों के लिए नया डोमेन नाम ‘bank.in’ और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के लिए ‘fin.in’ लागू करने की घोषणा की है। जिसका पंजीकरण अप्रैल 2025 में शुरू होगा l जिससे साइबर धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी l
7. मार्केट रेग्युलेशन (Market Regulation)
बाजार विनियमन (Market Regulation) वित्तीय बाजारों में पारदर्शिता, स्थिरता और निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेजर्व बैंक ने वर्किंग ग्रुप का गठन करेगा।
8. उपभोग से जुड़े ट्रेंड्स (Consumption Trends)
रिपोर्ट के अनुसार Monetary Policy Status में घरेलू उपभोग के बढ़ा हुए रहने का अनुमान लगाया गया है। केंद्रीय बजट 2025-26 में दी गई टैक्स में राहत से इसे बल मिलेगा।
9. निवेश को प्रोत्साहन (Investment Promotion)
सरकार के पूंजीगत व्यय पर जोर, कंपनियों की मजबूत बैलेंस शीट और सेवा निर्यात में वृद्धि से निवेश गतिविधियों में सुधार की उम्मीद है, जो आर्थिक विकास को समर्थन देगा।
इसे भी पढ़ें: 2025 स्टॉक मार्केट में निवेशकों के लिए 10 जरूरी वेबसाइटें: पूरी जानकारी
10. बैंकिंग लिक्विडिटी (Banking Liquidity)
भारतीय रेजर्व बैंक के गवर्नर ने बैंकों से आग्रह किया केंद्रीय बैंक के पास जरूरत के अनुसार ही फंड रखे अनावश्यक धन ना रखें l जितना आवश्यक है उतना उपयोग करें l
आम जनता पर प्रभाव (impact on general public)
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति आम जनता पर सीधा प्रभाव डालती है। महंगाई दर नियंत्रित होने से दैनिक उपभोक्ता वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं। GDP वृद्धि दर में सुधार से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। कुल मिलाकर, RBI की नीति आम लोगों की आर्थिक स्थिति, बचत और खर्च करने की क्षमता को सीधे प्रभावित करती है।
ध्यान दें: हमारी Website पर दी गई जानकारी केवल जानकारीपूर्ण उद्देश्यों के लिए है l निवेश से पहले अपने वित्तीय स्थित का आकलन करें और विशेषज्ञ सलाहकार से परामर्श लें l निवेश में जोखिम शामिल होते है l हम किसी भी प्रकार के वित्तीय नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं है
निष्कर्ष
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति अर्थव्यवस्था में संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होती है। यह महंगाई, ब्याज दरों और GDP वृद्धि को नियंत्रित कर आम जनता, निवेशकों और उद्योगों पर सीधा प्रभाव डालती है। सही नीतियां आर्थिक स्थिरता और विकास को बढ़ावा देती हैं, जिससे समग्र वित्तीय स्थिति मजबूत होती है।
नमस्कार! मैं इस ब्लॉग साइट का लेखक हूं, मेरे पास शेयर बाजार में कई वर्षों का अनुभव है और मैं लगातार बाजार की चाल, कंपनियों के फंडामेंटल्स और ट्रेंड्स पर नजर रखता हूं। मेरा लक्ष्य है, हर आम निवेशक तक शेयर बाजार की सटीक, सरल और सही जानकारी पहुंच सके।