वेदांता (Vedanta Ltd.) के शेयरों में अभी आई भारी गिरावट के पीछे मुख्य कारण “शॉर्ट सेलर” फर्म Viceroy Research द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट है l
जिसमें कंपनी की फाइनेंशियल स्ट्रक्चर, नकदी बहाव और कॉरपोरेट गवर्नेंस पर तीखे आरोप लगाए गए हैं। आइये विस्तार से जानते हैं कि आखिर क्यों वेदांता के शेयरों में एक दिन में 7–8% तक की गिरावट आई।
वेदांता के शेयर में भारी गिरावट क्या रहे कारण
वेदान्ता के शेयरों में भारी गिरावट के कुछ मुख्य कारण है जो नीचे दर्शाये गए है l
- लेखांकन (Accounting) में गड़बड़ी: Vedanta के पास जो कर्ज दिखाया गया है, उस पर जितनी ब्याज देनी चाहिए थी, उससे कहीं ज़्यादा देनी पड़ी. इसका मतलब है कि या तो छिपे हुए कर्ज हैं, या लोन की शर्तें छुपाई गई हैं. इसे Viceroy ने फ्रॉड की श्रेणी में रखा है.
- नकदी (Cash) की लूट: डिविडेंड के नाम पर रिपोर्ट का दावा है की VEDL ने पिछले 3 साल में अपनी कमाई से ₹5.6 अरब डॉलर ज़्यादा डिविडेंड दे डाला. ये पैसा VEDL ने लोन लेकर दिया, जिससे उसकी बैलेंस शीट खराब हो गई. ये सिलसिला अब भी जारी है l
- उच्च लाभांश (High Dividents) वितरण: पिछले 4 वर्षों में ₹75,800 करोड़ (लगभग USD 8.8 billion) का डिविडेंड वेदांता लिमिटेड द्वारा दिया गया, जबकि हिंदुस्तान ज़िंक ने ₹57,300 करोड़ डिविडेंड दिया
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क्या यह नया मुद्दा
- विशेषज्ञों का मानना है कि Viceroy की रिपोर्ट में कुछ नये खुलासे नहीं हैं, बल्कि पहले से मौजूद चिंताओं को फिर से उठाया गया है
- UR Bhat (Alphaniti Fintech) ने कहा: “रिपोर्ट ने मौजूदा चिंताओं को दोहराया, न कि कोई नया इनसाइट दिया”, इसलिए शेयरों में पलटाव भी हुआ
वेदान्ता कंपनी की प्रतिक्रिया
- कंपनी यह भी कह रही है कि उसका स्ट्रक्चर पारदर्शी है, सभी ट्रांजैक्शन नियमों के अनुसार हैं और इसमें कोई विनियम उल्लंघन नहीं ।
- वेदांता बयान कर चुकी है कि Viceroy की रिपोर्ट “भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण” है और किसी भी संवाद के बिना प्रकाशित की गई
- वेदांता यह भी कह रही है कि वह अपने डिब्ट को अगले 3 वर्षों में USD 3 बिलियन तक घटाएगी, और उसके पास एक स्ट्रक्चरल रिन्यूट रन (restructuring plan) चल रहा है l
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जोखिम और सावधानियाँ
जोखिम और सावधानियाँ के कुछ पहलुओ पर ध्यान देने की जरूरत है जो निम्नलिखित है l
- कर्ज‑विषयक चिंता: Vedanta Resources का standalone net debt हालात 31 मार्च 2025 तक USD 4.9 बिलियन तक था
- नकद बहाव (cash flow): बढ़ा हुआ लाभांश और ब्रांड फीस ट्रांज़फ़र ने कंपनी की ऑपरेशनल कैपेसिटी को प्रभावित किया।
- सरकारी निगरानी: SEBI और अन्य नियामकों की जांच हो सकती है अगर धोखाधड़ी या विनियम उल्लंघन पाया गया।
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Vedanta शेयरधारकों को डरना चाहिए?
- जिन निवेशकों ने सिर्फ डिविडेंड के लिए वेदांता खरीदा है, उन्हें सतर्क हो जाना चाहिए l
- Viceroy का यह रिपोर्ट वेदांता के खिलाफ अब तक का सबसे गंभीर हमला है. इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए l
- एजेंसियों की ओर से जांच शुरू होती है या नहीं, ये देखना होगा लेकिन जो जानकारी रिपोर्ट में दी गई है, वो किसी भी निवेशक के लिए बड़ा रेड अलर्ट है l
निष्कर्ष
वेदांता के हालिया ब्रेकडाउन का मूल कारण Viceroy Research की रिपोर्ट थी, जिसने पोंजी-संबंधी व्यवहार, नकदी बहाव, और कर्ज पर जोखिम की बात उठायी पावरफुल आरोपों ने शेयरों में विक्रय दबाव ला दिया।
लघु अवधि में उतार-चढ़ाव संभव है। लंबी अवधि के लिए, निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिरता, रणनीतिक गवर्नेंस सुधार और ऋण घटाने की योजना की प्रगति पर ध्यान देना चाहिए।
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