कम समय में ज्यादा मुनाफा! जानिए क्या है शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग और कैसे काम करती है?

शेयर बाजार में निवेशक कई तरीकों से पैसा कमाते हैं। कोई लंबी अवधि के लिए निवेश करता है l कोई जल्दी मुनाफा कमाने के लिए कम समय में ट्रेडिंग करता है। ऐसे ही एक लोकप्रिय तरीका है शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग (Short-Term Trading)। यह उन लोगों के लिए एक शानदार विकल्प है जो बाजार की चाल को जल्दी पकड़ते हैं l कम समय में ज्यादा रिटर्न पाना चाहते हैं।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग क्या होती है l यह कैसे काम करती है l इसके क्या प्रकार होते हैं और इसे कैसे शुरू किया जा सकता है।

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग क्या है (What is short-term trading)

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग का मतलब होता है, कम समय के लिए शेयर या किसी अन्य वित्तीय संपत्ति को खरीदना और थोड़े समय में बेच देना। यह समय कुछ मिनट, कुछ घंटे, कुछ दिन या कभी-कभी कुछ हफ्ते का हो सकता है। ट्रेडर का लक्ष्य होता है, बाजार की छोटी-छोटी चालों से फायदा उठाना और मुनाफा कमाना।

यह तरीका उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो रोजाना या हर हफ्ते बाजार पर नजर रख सकते हैं और समय पर फैसले लेने की क्षमता रखते हैं।

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शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग कैसे काम करती है (How Short-Term Trading Works)

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग मुख्य रूप से तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) पर आधारित होती है। इसका मतलब है कि ट्रेडर चार्ट, प्राइस मूवमेंट, वॉल्यूम, इंडिकेटर्स जैसे RSI, MACD, मूविंग एवरेज आदि की मदद से यह अनुमान लगाते हैं कि शेयर की कीमत आगे बढ़ेगी या गिरेगी।

Example: मान लीजिए किसी शेयर का भाव ₹500 है और टेक्निकल चार्ट बता रहा है कि इसकी कीमत अगले दो दिनों में ₹600 तक जा सकती है। ऐसे में ट्रेडर उसे अभी खरीद लेता है और दो दिन बाद ₹600 पर बेचकर ₹100 प्रति शेयर का मुनाफा कमा लेता है।

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के प्रमुख प्रकार (Major Types of Short-Term Trading)

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग कई प्रकार की होती है। आइए दोस्तों इनके बारे में जानेंते है,और उदाहरण के माध्यम से समझते है l 

इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading)

शेयर उसी दिन खरीदा और बेचा जाता है। सभी सौदे बाजार बंद होने से पहले पूरे कर लिए जाते हैं तथा ज्यादा समय और अनुभव की जरूरत होती है।

Example: इंट्राडे ट्रेडिंग में एक ही दिन के भीतर शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, एक ट्रेडर ने सुबह 10 बजे ₹200 में 100 शेयर खरीदे और दोपहर 2 बजे ₹210 में बेच दिए। इस तरह उसे प्रति शेयर ₹10 का मुनाफा हुआ। इंट्राडे में उसी दिन सौदा पूरा करना जरूरी होता है।

स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading)

शेयर को 2-10 दिनों तक होल्ड किया जाता है। बाजार में छोटे-छोटे उतार-चढ़ाव (स्विंग्स) से फायदा उठाया जाता है।

Example: स्विंग ट्रेडिंग में शेयर को कुछ दिनों के लिए होल्ड किया जाता है ताकि उसके उतार-चढ़ाव से मुनाफा कमाया जा सके। उदाहरण के लिए, किसी ट्रेडर ने सोमवार को ₹500 में शेयर खरीदा और शुक्रवार को ₹550 में बेच दिया। इस तरह 5 दिन में प्रति शेयर ₹50 का लाभ हुआ। इसे ही स्विंग ट्रेडिंग कहते हैं।

BTST (Buy Today, Sell Tomorrow)

आज शेयर खरीदें और अगले दिन बेचें। जब यह उम्मीद हो कि अगले दिन शेयर की कीमत बढ़ेगी।

Example: BTST ट्रेडिंग में शेयर आज खरीदे जाते हैं और अगले दिन बाजार खुलते ही बेच दिए जाते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ट्रेडर ने मंगलवार को ₹300 में शेयर खरीदा और बुधवार को ₹320 में बेच दिया। इस तरह उसे प्रति शेयर ₹20 का मुनाफा हुआ। यह तरीका तेजी की उम्मीद पर आधारित होता है l 

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4. पोजिशनल ट्रेडिंग (Positional Trading)

स्टॉक को कुछ हफ्तों तक होल्ड किया जाता है। यह शॉर्ट और लॉन्ग टर्म के बीच का विकल्प है।

Example: पोजिशनल ट्रेडिंग में शेयर को कुछ हफ्तों या महीनों तक होल्ड किया जाता है। उदाहरण के लिए, एक ट्रेडर ने किसी कंपनी का शेयर ₹400 में खरीदा और 3 हफ्ते बाद ₹480 में बेच दिया। इस तरह उसे प्रति शेयर ₹80 का मुनाफा हुआ। यह ट्रेडिंग ट्रेंड और टेक्निकल एनालिसिस पर आधारित होती है।

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग शुरू कैसे करें (How to Start Short-Term Trading)

अगर आप शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग शुरू करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते है l इसमे सारे स्टेप्स सही तरीके से समझाए गए है l इससे आपको आसानी से समझ में आएगा, तो आइये हम समझते है l 

डिमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलना

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको एक डिमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलना होगा, जो आप Zerodha, Upstox, Groww जैसे प्लेटफॉर्म पर खोल सकते हैं। इसके बाद आपको टेक्निकल एनालिसिस सीखना जरूरी है, जिसमें चार्ट पढ़ना, इंडिकेटर समझना और प्राइस मूवमेंट को पहचानना आता है।

कंपनी के रिजल्ट और इकोनॉमिक घटनाओं पर नजर रखना

मार्केट की ताजा खबरों, कंपनी के रिजल्ट और इकोनॉमिक घटनाओं पर नजर रखना जरूरी है क्योंकि इनका असर शेयर की कीमत पर होता है। शुरुआत में आप डेमो ट्रेडिंग या वर्चुअल ट्रेडिंग से अभ्यास कर सकते हैं ताकि बिना पैसे लगाए सीख सकें।

छोटे अमाउंट से करें निवेश 

शुरुआती निवेश हमेशा छोटे अमाउंट से करें और हर ट्रेड में स्टॉप लॉस लगाएं ताकि नुकसान सीमित रहे। ट्रेडिंग करते समय भावनाओं को नियंत्रण में रखें और लालच या डर में आकर फैसले न लें। सीखकर, समझकर और प्लान बनाकर ही ट्रेडिंग करें, तभी आप इसमें सफलता पा सकते हैं।

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शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के फायदे (Advantages of Short-Term Trading)

  • तेजी से मुनाफा कुछ घंटों या दिनों में रिटर्न मिलने की संभावना होती है।
  • बाजार की हर चाल से फायदा चाहे बाजार ऊपर जाए या नीचे, दोनों साइड मुनाफा कमाया जा सकता है।
  • कम पूंजी में शुरुआत आप कम पैसों से भी शुरुआत कर सकते हैं।
  • मार्केट न्यूज का फायदा खबरों के आधार पर तेज रिएक्शन देकर लाभ कमाया जा सकता है।

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के नुकसान (Disadvantages of Short-Term Trading)

  • ज्यादा जोखिम अचानक बाजार बदल जाए तो नुकसान हो सकता है।
  • मानसिक तनाव लगातार बाजार पर नजर रखनी पड़ती है।
  • गलत निर्णय का खतरा तेजी से निर्णय लेना होता है, जिससे गलती की संभावना रहती है।
  • ज्यादा ब्रोकरेज और टैक्स बार-बार ट्रेडिंग से खर्च बढ़ जाता है।

ध्यान दें: हमारी Website पर दी गई जानकारी केवल जानकारीपूर्ण उद्देश्यों के लिए है l निवेश से पहले अपने वित्तीय स्थित का आकलन करें और विशेषज्ञ सलाहकार से परामर्श लें l निवेश में जोखिम शामिल होते है l हम किसी भी प्रकार के वित्तीय नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं है l

निष्कर्ष

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग एक तेज़ और आकर्षक तरीका है शेयर बाजार से पैसा कमाने का, लेकिन इसके लिए अनुभव, ज्ञान और अनुशासन की जरूरत होती है। यह तरीका उन लोगों के लिए अच्छा है जो बाजार को समझते हैं, हर दिन उसे देख सकते हैं और रिस्क लेने के लिए तैयार हैं।

अगर आप बिना तैयारी के शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग में उतरते हैं, तो फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है। इसलिए पहले सीखें, अभ्यास करें और फिर सोच-समझकर ट्रेडिंग करें।

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